Opening range breakout (ORB) ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट how it works.

Opening range breakout (ORB) how it works ?

  ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट Opening range breakout

Opening range breakout (ओआरबी) पेशेवर और शौकिया व्यापारियों द्वारा समान रूप से उपयोग की जाने वाली ट्रेडिंग प्रणाली है और इसमें उचित अनुशासन और धन प्रबंधन नियमों के साथ अच्छा रिटर्न देने की क्षमता है। यह प्रणाली केवल इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए लागू है।

ओआरबी ट्रेडिंग में दुनिया भर के व्यापारियों द्वारा कई रूपांतर प्रचलित हैं। कुछ व्यापारी ओपनिंग रेंज से महत्वपूर्ण ब्रेकआउट पर व्यापार करते हैं, जबकि अन्य ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट पर तुरंत व्यापार करते हैं। ट्रेडों के लिए समय भी 10 मिनट से 1 घंटे तक अलग होती है।

opening range breakout Trading strategy

बस हमें कुछ नियम का पालन करके इस सरल विधि को अपने इंट्राडे ट्रेडिंग में इस्तेमाल कर सकते है

कोई भी स्टॉक पहले 10 से 30 मिनट में एक रेंज बनता है इसे ही हम ओपनिंग रेंज कहते हैं

✅और जो इसका हाई और लो होता है वो support  और resistance की तरह काम करता है

 

BUY and SELL

 जब स्टॉक ओपनिंग रेंज से ऊपर चलता है, तो खरीदें।

जब स्टॉक ओपनिंग रेंज के नीचे चलता है, तब बेचें।

सामान्य नियम – खरीदें और बेचें दोनों के लिए लागू:

✔️ओपनिंग रेंज को पहले 15 मिनट में  high और  low द्वारा परिभाषित किया गया है। आप अपनी इच्छा के अनुसार अवधि निर्धारित कर सकते हैं, यह पहले 5 मिनट रेंज, 10 मिनट रेंज या 15 मिनट रेंज हो सकता है।

 

Rules for Buying opportunity:—

✔️  जब शेयर की कीमत हाई प्राइस को तोड़े

✔️स्टॉप लॉस – ओपनिंग रेंज का  Low 

 Rules for Selling  opportunity:—

✔️जब स्टॉक मूल्य low price से नीचे हो जाए तो बेच दें।

 ✔️स्टॉप लॉस – ओपनिंग रेंज  ka  high

 Risk Management for an opening range breakout 


✔️ऐसा ज्यादातर traders को लगता है:
✔️वे पहले एंट्री पॉइंट के बारे में सोचते हैं, मुझे किस कीमत पर खरीदना चाहिए? मुझे किस level पर entry  करना चाहिए? मुझे किस point पर trade  करना चाहिए?
✔️aapko pehle ye dekhna chahiye ki aapki क्षमता kitni hai ghata karne ki kitne मात्रा aap trade kar skte hain pehle sara kuch aap soch le trade  hone se pehle

✔️स्टॉक मार्केट में लोगों के पैसे खोने का एक मुख्य कारण उनकी trade quantity …

Let’s take an example:—-

✔️राजन ने ट्रेडिंग स्टार्ट किआ 1 लाख रुपये से और उसने स्पाइस जेट के 1000 शेयर को ख़रीदा 100 रुपया के हिसाब से अब वो चाहेगा की .. उसका शेयर बढ़ जाये 

 ✔️अगर स्टॉक कुछ दिन बाद 110 हो जायेगा तो उसे 10000 का profit  मिलेगा

 ✔️राजन को बहुत कम दिन में 10% का प्रॉफिट मिल गया और वो हमेशा अपना luck try करेगा ऐसे

 ✅लेकिन अगर इसका उल्टा हुआ और स्टॉक गिर जाये तो उसे बहुत नुक्सान होगा और जैसे जैसे स्टॉक का प्राइस निचे जायेगा वो डर जायेगा तो ऐसा क्यों हुआ ??

 ✔️इसलिए आपको हमेशा ये कोशिश करनी है की आप अपने कैपिटल का 1% लोस्स  करे हमेसा ये तरीका है ट्रेडिंग का और ये सेफ भी है — मतलब 100000 का 1000

  

Trading capital –10000
no of shares –100
entry –90
stop loss-80
so the risk is 10
so always we should always take a risk in between 1-2% of our whole capital its safe and good.

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